चौघड़िया · Choghadiya
आज का चौघड़िया, 5 नवंबर 2026
Aaj ka Choghadiya · Varanasi · वाराणसी, गुरुवार
अभी · Now रोग अशुभ
अभी: रोग (अशुभ), 8:28 PM से 10:05 PM तक। अगला शुभ: लाभ 11:41 PM से।
राहु काल 1:04 PM–2:28 PM · सूर्योदय 6:08 AM · सूर्यास्त 5:14 PM
दिन का चौघड़िया (सूर्योदय 6:08 AM – सूर्यास्त 5:14 PM)
| समय | चौघड़िया | किसके लिए |
|---|---|---|
| 6:08 AM – 7:31 AM | शुभ Shubh शुभ | विवाह, पूजा, शिक्षा |
| 7:31 AM – 8:54 AM | रोग Rog अशुभ | शुभ कार्य टालें |
| 8:54 AM – 10:18 AM | उद्वेग Udveg अशुभ | सरकारी काम; शुभ कार्य टालें |
| 10:18 AM – 11:41 AM | चर Chal सामान्य | यात्रा, आना-जाना |
| 11:41 AM – 1:04 PM | लाभ Labh शुभ | व्यापार, नया काम, पढ़ाई |
| 1:04 PM – 2:28 PM | अमृत Amrit शुभ | सभी शुभ कार्य |
| 2:28 PM – 3:51 PM | काल Kaal अशुभ | शुभ कार्य टालें |
| 3:51 PM – 5:14 PM | शुभ Shubh शुभ | विवाह, पूजा, शिक्षा |
रात का चौघड़िया (सूर्यास्त – अगला सूर्योदय)
| समय | चौघड़िया | किसके लिए |
|---|---|---|
| 5:14 PM – 6:51 PM | अमृत Amrit शुभ | सभी शुभ कार्य |
| 6:51 PM – 8:28 PM | चर Chal सामान्य | यात्रा, आना-जाना |
| 8:28 PM – 10:05 PM | रोग Rogअभी अशुभ | शुभ कार्य टालें |
| 10:05 PM – 11:41 PM | काल Kaal अशुभ | शुभ कार्य टालें |
| 11:41 PM – 1:18 AM (+1) | लाभ Labh शुभ | व्यापार, नया काम, पढ़ाई |
| 1:18 AM (+1) – 2:55 AM (+1) | उद्वेग Udveg अशुभ | सरकारी काम; शुभ कार्य टालें |
| 2:55 AM (+1) – 4:32 AM (+1) | शुभ Shubh शुभ | विवाह, पूजा, शिक्षा |
| 4:32 AM (+1) – 6:08 AM (+1) | अमृत Amrit शुभ | सभी शुभ कार्य |
समय वाराणसी के सूर्योदय-सूर्यास्त से, IST में। "(+1)" = अगले दिन।
दूसरे शहर का चौघड़िया
चौघड़िया कैसे पढ़ें
चौघड़िया हर वार के स्वामी ग्रह से शुरू होता है और सात नामों के क्रम में चलता है। हर नाम का एक स्वामी ग्रह है: अमृत (चंद्र), शुभ (गुरु), लाभ (बुध), चर (शुक्र), उद्वेग (सूर्य), काल (शनि), रोग (मंगल)। हर भाग दिन या रात की लंबाई का आठवाँ हिस्सा है, इसलिए यह मौसम और शहर के साथ बदलता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- आज वाराणसी में शुभ चौघड़िया कब है?
- 5 नवंबर 2026 को दिन के शुभ चौघड़िया: शुभ 6:08 AM–7:31 AM, लाभ 11:41 AM–1:04 PM, अमृत 1:04 PM–2:28 PM, शुभ 3:51 PM–5:14 PM।
- चौघड़िया क्या है?
- सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को और सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक की रात को आठ-आठ बराबर भागों में बाँटकर बने 16 मुहूर्त चौघड़िया कहलाते हैं। अमृत, शुभ और लाभ शुभ माने जाते हैं; चर सामान्य; उद्वेग, काल और रोग अशुभ।