हस्त रेखा: हथेली की रेखाएँ क्या कहती हैं
Hast rekha · hastrekha · palm reading in Hindi
हस्त रेखा शास्त्र (सामुद्रिक शास्त्र का हिस्सा) हथेली की रेखाओं, पर्वतों और आकार को पढ़ता है। ये हैं मुख्य रेखाएँ और परंपरा में उनका अर्थ।
जीवन रेखा Jeevan rekha · life line
अंगूठे और तर्जनी के बीच से शुरू होकर अंगूठे के आधार (शुक्र पर्वत) को घेरती है। परंपरा में इसे ऊर्जा और जीवन-शक्ति से जोड़ा जाता है, उम्र की लंबाई से नहीं।
हृदय रेखा Hriday rekha · heart line
हथेली के ऊपरी हिस्से में, छोटी उंगली के नीचे से तर्जनी या मध्यमा की ओर जाती है। भावनाओं और रिश्तों के स्वभाव से जुड़ी मानी जाती है।
मस्तिष्क रेखा Mastishk rekha · head line
जीवन रेखा के पास से शुरू होकर हथेली के बीच से आगे जाती है। सोचने और निर्णय लेने के ढंग से जोड़ी जाती है।
भाग्य रेखा Bhagya rekha · fate line
कलाई के पास से मध्यमा (शनि पर्वत) की ओर ऊपर जाती है। हर हाथ में नहीं होती; करियर और जीवन की दिशा से जोड़ी जाती है।
सूर्य रेखा Surya rekha · sun line
अनामिका के नीचे की खड़ी रेखा, नाम और रचनात्मकता से जोड़ी जाती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- हस्त रेखा में सबसे ज़रूरी रेखाएँ कौन सी हैं?
- चार मुख्य रेखाएँ: जीवन रेखा, हृदय रेखा, मस्तिष्क रेखा और भाग्य रेखा। इनके साथ हथेली के पर्वत (शुक्र, गुरु, शनि, सूर्य, बुध, चंद्र, मंगल) भी पढ़े जाते हैं।
- कौन सा हाथ देखा जाता है?
- आम परंपरा में जिस हाथ से आप ज़्यादा काम करते हैं, उसे वर्तमान और कर्म का हाथ माना जाता है, और दूसरे को जन्मजात प्रवृत्ति का।