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चौघड़िया · Choghadiya

आज का चौघड़िया, 5 नवंबर 2026

Aaj ka Choghadiya · Jaipur · जयपुर, गुरुवार

जयपुर में आज के दिन और रात के 16 चौघड़ियाशुभरोगउद्वेगचरलाभअमृतकालशुभअमृतचररोगकाललाभउद्वेगशुभअमृत↑ 6:39 AM5:41 PM ↓
अभी · Now चर सामान्य

अभी: चर (सामान्य), 7:18 PM से 8:55 PM तक। अगला शुभ: लाभ 12:10 AM (+1) से।

राहु काल 1:33 PM–2:55 PM · सूर्योदय 6:39 AM · सूर्यास्त 5:41 PM

दिन का चौघड़िया (सूर्योदय 6:39 AM – सूर्यास्त 5:41 PM)

समयचौघड़ियाकिसके लिए
6:39 AM – 8:01 AMशुभ Shubh
शुभ
विवाह, पूजा, शिक्षा
8:01 AM – 9:24 AMरोग Rog
अशुभ
शुभ कार्य टालें
9:24 AM – 10:47 AMउद्वेग Udveg
अशुभ
सरकारी काम; शुभ कार्य टालें
10:47 AM – 12:10 PMचर Chal
सामान्य
यात्रा, आना-जाना
12:10 PM – 1:33 PMलाभ Labh
शुभ
व्यापार, नया काम, पढ़ाई
1:33 PM – 2:55 PMअमृत Amrit
शुभ
सभी शुभ कार्य
2:55 PM – 4:18 PMकाल Kaal
अशुभ
शुभ कार्य टालें
4:18 PM – 5:41 PMशुभ Shubh
शुभ
विवाह, पूजा, शिक्षा

रात का चौघड़िया (सूर्यास्त – अगला सूर्योदय)

समयचौघड़ियाकिसके लिए
5:41 PM – 7:18 PMअमृत Amrit
शुभ
सभी शुभ कार्य
7:18 PM – 8:55 PMचर Chalअभी
सामान्य
यात्रा, आना-जाना
8:55 PM – 10:33 PMरोग Rog
अशुभ
शुभ कार्य टालें
10:33 PM – 12:10 AM (+1)काल Kaal
अशुभ
शुभ कार्य टालें
12:10 AM (+1) – 1:47 AM (+1)लाभ Labh
शुभ
व्यापार, नया काम, पढ़ाई
1:47 AM (+1) – 3:25 AM (+1)उद्वेग Udveg
अशुभ
सरकारी काम; शुभ कार्य टालें
3:25 AM (+1) – 5:02 AM (+1)शुभ Shubh
शुभ
विवाह, पूजा, शिक्षा
5:02 AM (+1) – 6:39 AM (+1)अमृत Amrit
शुभ
सभी शुभ कार्य

समय जयपुर के सूर्योदय-सूर्यास्त से, IST में। "(+1)" = अगले दिन।

दूसरे शहर का चौघड़िया

चौघड़िया कैसे पढ़ें

चौघड़िया हर वार के स्वामी ग्रह से शुरू होता है और सात नामों के क्रम में चलता है। हर नाम का एक स्वामी ग्रह है: अमृत (चंद्र), शुभ (गुरु), लाभ (बुध), चर (शुक्र), उद्वेग (सूर्य), काल (शनि), रोग (मंगल)। हर भाग दिन या रात की लंबाई का आठवाँ हिस्सा है, इसलिए यह मौसम और शहर के साथ बदलता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

आज जयपुर में शुभ चौघड़िया कब है?
5 नवंबर 2026 को दिन के शुभ चौघड़िया: शुभ 6:39 AM–8:01 AM, लाभ 12:10 PM–1:33 PM, अमृत 1:33 PM–2:55 PM, शुभ 4:18 PM–5:41 PM।
चौघड़िया क्या है?
सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को और सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक की रात को आठ-आठ बराबर भागों में बाँटकर बने 16 मुहूर्त चौघड़िया कहलाते हैं। अमृत, शुभ और लाभ शुभ माने जाते हैं; चर सामान्य; उद्वेग, काल और रोग अशुभ।

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